पाकिस्तान में शिव मंदिर तोड़कर बन रही थी मीट की दुकान, भोलेनाथ के चमत्कार ने किया हैरान

PAK

पाकिस्तान में शिव मंदिर तोड़कर बन रही थी मीट की दुकान, भोलेनाथ के चमत्कार ने किया हैरान

Amit Dev Sharma

Updated on:

Pakistan : पाकिस्तान में हिंदुओं के खिलाफ कितने ज्यादा अपराध हुए हैं यह तो जगजाहिर है। यही नहीं पाकिस्तान में हिंदुओं की पहचान को मिटाने का काम किया गया। पाकिस्तानी सरकार ने हिंदू मंदिरों तक तोड़ने का काम किया। लेकिन अब पाकिस्तान के कराची से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां भगवान का चमत्कार देखने को मिला है।

पाकिस्तान के कराची शहर के बाजार में एक पुराना शिव मंदिर था। लेकिन इस पुराने मंदिर को वहां समर्थन नहीं मिला। यही नहीं पाकिस्तान के कट्टरपंथियों के निशाने पर यह मंदिर आया है। उनकी मंशा हमेशा से ही हिंदू मंदिरों को नष्ट करने की रही है ताकि पूजा पाठ न की जा सके। इस पवित्र स्थान को नष्ट करने के प्रयास किए। वहां कुछ मुसलमानों ने इस मंदिर को ध्वस्त कर करने के लिए सरकार से अनुमति लेने की योजना बनाई।

इस मुद्दे को लेकर कुछ लोगों ने मौजूदा सरकार को एक याचिका प्रस्तुत की और अनुरोध किया कि बाजार के बीच शिव मंदिर को ध्वस्त कर दिया जाए। पाकिस्तानी सरकार को भी इस मंदिर में कोई रूचि नहीं थी।इसलिए उन्होंने भी इस सदियों पुराने मंदिर को ध्वस्त करने की अनुमति मंदिर को दे दी है।

क्षेत्र के मुसलमान सरकार की अनुमति पाकर काफी खुश थे। सरकार ने इस मंदिर को नष्ट करने का ठेका एक बिल्डर को दिया। अनुमति मिलने के अगले दिन बिल्डर और उनकी टीम मंदिर पहुंच गईं। जेसीबी मशीन से मंदिर को ध्वस्त करने का काम शुरू हो गया है। मंदिर प्रांगण की एक दीवार को भी आसानी से ध्वस्त कर दिया। मंदिर को ध्वस्त होता देख स्थानीय मुसलमान बहुत खुश नजर आ रहे थे कहीं ना कहीं उनके लिए यह जगह मीट दुकाने लगाने के लिए काम आने वाली थी। फिर जैसे ही जेसीबी मंदिर के मुख्य शिखर को गिराने के लिए आगे बढ़ी तो जेसीबी खराब हो गई और सभी लोग चुप हो गए।

 

लेकिन फिर बिल्डर ने एक और जेसीबी को घटना स्थल पर बुलाने का काम किया। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि दूसरी जेसीबी में भी कुछ इंजन में समस्या आ गई । ये कहीं ना कहीं भगवान शिव का चमत्कार ही हो रहा था। लेकिन मंदिर को गिराने में नाकाम दिख रहे ठेकेदार ने अपनी जिद नहीं छोड़ी और उसने अगले दिन क्रेन से मंदिर गिराने का फैसला किया। बिल्डर जैसे ही क्रेन लेकर मंदिर के शिखर तक पहुंचा, वैसे ही उसके फोन की घंटी बज उठी। उसे सूचना मिली कि उसका बेटा बीमार है और उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है। ऐसे में बिल्डर जल्द से अस्पताल पहुंचा और उसने मंदिर निर्माण का काम रोक दिया। बिल्डर का बेटा तुरंत ठीक नहीं हो सका और वो कोमा में चला गया। उसके बाद बिल्डर ने अपने बेटे को डॉक्टरों और तंत्रिकों को दिखाया लेकिन आराम नहीं पड़ा। फिर एक दिन भगवान शिव का उस बिल्डर को सपना आया है कि मंदिर ध्वस्त करने की वजह से उसके बेटे की ऐसी हालात है। इसके बाद उस बिल्डर ने मंदिर तोड़ने का काम रोका। साथ ही जो मंदिर की दीवारें ध्वस्त हुईं उनकी मरम्मत भी करवाई।

 

नोट– newzshort.in इस ख़बर की पुष्टि नहीं करता है, लेकिन सोशल मीडिया और कुछ ख़बरों के आधार पर यह समाचार तैयार किया गया है।

जुड़े रहें ➥